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सत्‍तू से दुर भगाइये, लू को

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यूं तो पिज्‍जा, बर्गर जैसे युग में सत्‍तू की कल्‍पना भी बेकार नजर आती है। क्‍योंकि अगर हम आपको कहें कि आपने सत्‍तू खाया है तो शायद आपको पता भी नहीं होगा कि यह होता क्‍या है? लेकिन हम आपको बता दें कि सत्‍तू एक ऐसा फूड है जो गर्मी में तुरंत एनर्जी प्रदान करता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है और शरीर को पोषण देने के साथ-साथ मोटापे और डायबिटीज को भी नियंत्रित करता है। और सबसे बड़ी बात इसका सेवन करना इतना आसान है कि इसे कहीं भी और किसी भी परिस्थिति में खाया जा सकता है। साथ ही यह सस्ता, सात्विक व आसानी से मिलने वाला फूड है।


सत्‍तू के फायदों के बारे में जानने के लिए हमने त्यागी पंचकर्मा और आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की आयुर्वेद डॉक्‍टर शिल्पी से बात की, तब उन्‍होंने बताया कि चूंकि सत्‍तू धान्य से तैयार किया जाता है इसलिए इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, कार्बोहाईड्रेट्स, प्रोटीन, स्टार्च तथा मिनरल पाये जाते हैं। सत्‍तू किसी भी धान्य को भाड़ में भूनकर तथा पीसकर बनाया जाता है। इसलिए यह पाचन के लिए बहुत अच्‍छा होता है, शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर निकालता है, जिससे आपकी त्‍वचा भी चमकदार बनती है।


शिल्‍पी का यह भी कहना है कि सत्‍तू पित्‍त शमन होने के कारण एसिडिटी दूर करता है, गर्मी में होने वाली हाथों पैरों (डायबिटीज के रोगियों को यह समस्‍या बहुत अधिक) की जलन दूर करता है। ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण कब्‍ज को दूर करता है। इसमें बहुत अधिक पोषण होने के कारण बढ़ते बच्चों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। आइए जानें कि सत्‍तू मोटापा कम करने के साथ-साथ और किन बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।

यूं तो पिज्‍जा, बर्गर जैसे युग में सत्‍तू की कल्‍पना भी बेकार नजर आती है। क्‍योंकि अगर हम आपको कहें कि आपने सत्‍तू खाया है तो शायद आपको पता भी नहीं होगा कि यह होता क्‍या है? लेकिन हम आपको बता दें कि सत्‍तू एक ऐसा फूड है जो गर्मी में तुरंत एनर्जी प्रदान करता है, शरीर को ठंडक पहुंचाता है और शरीर को पोषण देने के साथ-साथ मोटापे और डायबिटीज को भी नियंत्रित करता है। और सबसे बड़ी बात इसका सेवन करना इतना आसान है कि इसे कहीं भी और किसी भी परिस्थिति में खाया जा सकता है। साथ ही यह सस्ता, सात्विक व आसानी से मिलने वाला फूड है।


सत्‍तू के फायदों के बारे में जानने के लिए हमने त्यागी पंचकर्मा और आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की आयुर्वेद डॉक्‍टर शिल्पी से बात की, तब उन्‍होंने बताया कि चूंकि सत्‍तू धान्य से तैयार किया जाता है इसलिए इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, कार्बोहाईड्रेट्स, प्रोटीन, स्टार्च तथा मिनरल पाये जाते हैं। सत्‍तू किसी भी धान्य को भाड़ में भूनकर तथा पीसकर बनाया जाता है। इसलिए यह पाचन के लिए बहुत अच्‍छा होता है, शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर निकालता है, जिससे आपकी त्‍वचा भी चमकदार बनती है।


शिल्‍पी का यह भी कहना है कि सत्‍तू पित्‍त शमन होने के कारण एसिडिटी दूर करता है, गर्मी में होने वाली हाथों पैरों (डायबिटीज के रोगियों को यह समस्‍या बहुत अधिक) की जलन दूर करता है। ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण कब्‍ज को दूर करता है। इसमें बहुत अधिक पोषण होने के कारण बढ़ते बच्चों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। आइए जानें कि सत्‍तू मोटापा कम करने के साथ-साथ और किन बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।

मोटापे का दुश्‍मन

कई बार डाइटिंग के लिए लोग घंटों भूखे रहते हैं जिससे वजन तो आसानी से कम हो जाता है, लेकिन ज्यादा समय तक भूखे रहने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शिल्‍पी कहती है कि सत्‍तू से आसानी से वजन कम किया जा सकता है। सत्तू पाचन में हल्के होते हैं जो शरीर को छरहरा बनाता हैं। मोटापे में भूख लगने पर प्रोटीन से भरपूर सत्तू का सेवन करने पर भूख तो शांत होती ही है साथ ही लंबे समय तक भूख शांत रहती है।


पेट को ठंडा रखता है

चने के सत्तू में गर्मियों में लू से बचाने के गुण होते हैं। पेट को ठंडा रखने के साथ ही पेट की कई तरह की बीमारियों को भी दूर करता है। शरीर का तापमान नियंत्रित करता है। यदि आप चने के सत्तू को पानी, काला नमक और नींबू के साथ घोलकर लिया जाएं तो यह आपके पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद होता है।


डायबिटीज से छुटकारा

सत्तू का सेवन सेहतमंद बनाने के साथ ही शरीर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज की मात्रा को भी कम करता है। यानी यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी मददगार होता है। साधारणतया सत्तू में गुड़ या शक्कर पानी में घोलकर सेवन किया जाता है। डायबिटीज के रोगी चाहें तो गुड़ या शक्कर के स्थान पर नमक भी डालकर स्वादिष्ट बना सकते हैं।


एनीमिया की समस्या दूर करें

एनीमिया को दूर करने में सत्‍तू का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है। आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या को रोजाना सत्तू में पानी मिलाकर पीकर दूर किया जा सकता है। महिलाओं में एनीमिया की सबसे ज्यादा समस्या पाई जाती है, खासतौर से गर्भावस्‍था के बाद। इसलिए महिलाओं को सत्‍तू का सेवन जरूर करना चाहिए।


बनाने की विधि

1 गिलास पानी में 4 चम्मच सत्‍तू और आधी चम्मच मसाला डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

अगर आप चाहें तो इसमें नींबू निचोड़कर भी सेवन कर सकते हैं।

सत्तू को मीठा बनाना है तो इसके साथ दो चम्मच चीनी मिलाकर लें।

 


सावधानी

सत्तू का सेवन करते समय बीच में पानी न पिएं।

भोजन के बाद कभी भी सत्तू का सेवन ना करें।

अधिक मात्रा में सत्तू ना खाएं।

सत्तू को ताजे पानी में घोलना चाहिए, गर्म पानी में नहीं।

सत्तू का सेवन दूध के साथ नहीं करना चाहिए।


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