Home   Wellness Plan   Events  Health Tips   Jobs   Blog

सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर से शरीर बनाना हो सकता है नुकसानदायक, ये हैं खतरे

KayaWell Icon

Exercise

फिटनेस का मतलब मसल्स बनाना और सिक्स पैक एब्स बनाना ही नहीं होता है।

सप्लीमेंट्स लेने से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है।

क्रियेटिन का शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

बहुत सारे युवाओं को लगता है कि फिटनेस का मतलब मसल्स बनाना और सिक्स पैक एब्स बनाना होता है। ये धारणा हकीकत से कहीं ज्यादा फिल्मों में दिखने वाले अभिनेताओं और अभिनेत्रियों की वजह से बन गई है। फिल्में देखकर बहुत से युवाओं में ये धारणा बन गई है कि अगर आप की मसल्स अच्छी हैं और बॉडी सॉलिड और सिक्स पैक एब्स वाली है, तो आप सबके आकर्षण का केंद्र बनते हैं और आपकी धाक जमती है। ये बात ठीक है कि आप बॉडी बिल्डिंग की ख्वाहिश रखते हैं लेकिन कुछ लोग इसके लिए प्रोटीन और अलग-अलग तरह के सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं, जिससे शरीर तो फूल जाता है मगर उनके स्वास्थ्य को इससे बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचता है।

आइये आपको बताते हैं कि बॉडी बनाने के लिए सप्लीमेंट्स लेने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं-

खतरनाक है क्रियेटिन

क्रियेटिन एथलेटिक परफॉर्मेंस को बढ़ाता है और मसल्स को बनाने में भी मदद करता है। मगर शरीर पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और ये शरीर में कई तरह की गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। आमतौर पर मांस, मछली और पोल्ट्री से हमें क्रियेटीन मिलता है, लेकिन कुछ कंपनियां प्रोटीन सप्लीमेंट्स बनाती हैं। व्‍यायाम करने वाले लोगों को ज्‍यादा मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है, इसलिए लोग इस तरह के सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं। मगर ऐसा करना गलत है।

लिवर और ब्लड को करता है प्रभावित

क्रियेटिन ब्लड शुगर लेवल को बढ़ता है इसलिए इसके लगातार सेवन से डायबिटीज का खतरा होता है। प्रोटीन की ज्यादा मात्रा लीवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं, फिर चाहे वह सोयाबीन या किडनी बीन्स से ही क्यों न ली गई हो। इससे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं और हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। कई बार तो ज्यादा प्रोटीन के सेवन से हड्डियां गलने लगती हैं और कमजोर होकर टूट भी सकती हैं।

किडनी के लिए भी है खतरनाक

क्रियेटिन के लगातार प्रयोग से किडनी भी खराब हो सकती हैं और इससे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां जैसे पथरी, कैंसर, फाइब्राइड आदि हो सकते हैं। यहां तक कि इसके सेवन से किडनी फेल्‍योर का भी खतरा होता है। इसलिए कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

तनाव और अवसाद

आमतौर पर जो लोग इस तरह के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं वो अपने शरीर को लेकर असंतुष्ट रहते हैं और उनमें टेंशन और तनाव की समस्या पहले ही पाई जाती है। उस पर कई सप्लीमेंट्स में क्रियेटिन के साथ-साथ कैफीन का भी भरपूर प्रयोग होता है ताकि वर्कआउट के समय आपकी स्फूर्ति कम न हो और देर तक वर्कआउट कर सकें। मगर इतनी मात्रा में कैफीन के सेवन से बाद में ये तनाव स्थाई बीमारी बन सकता है और कई बार इससे अवसाद यानि डिप्रेशन का भी खतरा होता है। इसके अलावा इससे नींद न आना और वर्कआउट के दो-तीन घंटे बाद से थकान और सुस्ती की समस्या भी हो सकती है।

;