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बच्चों को डायबिटीज होने पर खिलाएं ये आहार, तुरंत होगा कंट्रोल

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डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ व्यस्कों को बल्कि बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है। आज के समय में छोटे छोटे बच्चे भी डायबिटीज जैसे गंभीर रोग का शिकार हो रहे हैं। अगर इसके पीछे की वजह जाने तो वह है बच्चों का लाइफस्टाइल और खराब व दूषित खान पान। आजकल के बच्चों में डायबिटीज की वजह जंकफूड और सॉफ्ट ड्रिंक के बेइंतहा शौकीन होना है, लेकिन वे यह नहीं जानते कि अपने इस खान-पान के जरिए वे भविष्य में पनपने वाली बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। डायबिटीज की वजह सॉफ्ट ड्रिंक या फिर एनर्जी ड्रिंक को भी माना जा रहा है। डायबिटीज के कारण इंसुलिन बनाने वाले बीटा सेल कमजोर पड़ जाते हैं। आज हम आपको डायबिटीज से निपटने के लिए बेस्ट फूड के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो-

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ व्यस्कों को बल्कि बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है। आज के समय में छोटे छोटे बच्चे भी डायबिटीज जैसे गंभीर रोग का शिकार हो रहे हैं। अगर इसके पीछे की वजह जाने तो वह है बच्चों का लाइफस्टाइल और खराब व दूषित खान पान। आजकल के बच्चों में डायबिटीज की वजह जंकफूड और सॉफ्ट ड्रिंक के बेइंतहा शौकीन होना है, लेकिन वे यह नहीं जानते कि अपने इस खान-पान के जरिए वे भविष्य में पनपने वाली बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। डायबिटीज की वजह सॉफ्ट ड्रिंक या फिर एनर्जी ड्रिंक को भी माना जा रहा है। डायबिटीज के कारण इंसुलिन बनाने वाले बीटा सेल कमजोर पड़ जाते हैं। आज हम आपको डायबिटीज से निपटने के लिए बेस्ट फूड के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो-

सुबह से शाम तक की डाइट

सुबह जल्दी : 3-4 बादाम / 1-2 अखरोट। 

नाश्ते में आइटम : 1 कटोरी ओट्स/ दूध/ 2 अंडे के स्लाइस/मल्‍टीग्रेन ब्रेड/सब्जियां/दही/टोस्ट।

सुबह का नाश्ता : आप पपीता, नारियल और छाछ आदि सहित मौसमी फल जोड़ सकते हैं।

 


दोपहर के भोजन के मेनू: सलाद, सब्जियां, दाल, चपाती, दही, चावल, पनीर चिकन आदि।

शाम का नाश्ता : फल और स्‍नैक्‍स जैसे ढोकला, इडली, भुना हुआ नमकीन और मुरमुरा आदि।

रात के खाने से पहले : मिक्स्ट सब्जियों का सूप।

रात का भोजन: चपाती, सब्जी, दाल/चिकन, हरा सलाद।

दूध कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का सही संयोजन होता है और यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।  दैनिक आहार में दूध के दो गिलास पीना एक अच्‍छा विकल्‍प है।

बहुत ज्यादा प्रोटीन, विशेष रूप से पशु प्रोटीन, खाना इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बन सकता है। जो वास्‍तव में मधुमेह का एक महत्वपूर्ण कारक है। संतुलित आहार एक कुंजी है। एक स्‍वस्‍थ आहार में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा शामिल होता है। हमारे शरीर को ठीक ढ़ंग से काम करने के लिए तीनों की जरूरत होती है।

अपने आहार में उच्‍च फाइबर सब्जियां जैसे मटर, सेम, ब्रोकोली, पालक और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। इसके अलावा दालें भी एक स्वस्थ विकल्प हैं और इसे आपके आहार का हिस्सा होना चाहिए।

फाइबर से भरपूर फल जैसे पपीता, सेब, संतरा, नाशपाती और अमरूद का सेवन भी करना चाहिए। आम, केले और अंगूर में शुगर की उच्‍च मात्रा होने के कारण इन फलों को सेवन कम करना चाहिए।

संतुलित आहार खाना सेहत की कुंजी होती है। सर्विंग का साइज और कार्बोहाइड्रेट का प्रकार विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता हैं। इसलिए होलग्रेन कार्बोहाइड्रेट पर ध्‍यान दें क्‍योंकि यह फाइबर का अच्छा स्रोत होता हैं। आसानी से पच जाता है और रक्त में शुगर के स्तर को सही रखता है।


इन कारणों से होता है बच्चों को डायबिटीज

सॉफ्ट ड्रिंक और जंकफूड में मौजूद काब्रोहाइड्रेट दरअसल शरीर में जरूरत से अधिक ग्लूकोज की मात्रा बनाता  है, जिससे मोटापे की समस्या भी बढ़ रही है।

हालांकि कई बच्चों में डायबिटीज आनुवांशिक भी होता है, लेकिन आज के दौर में अधिक खान-पान के कारण डायबिटीज रोगियों की संख्या बढ़ रही है।

शोधों के मुताबिक, सॉफ्ट ड्रिंक में 12 प्रतिशत अधिक ग्‍लूकोज और कार्बोहाइड्रेट होता है। जो कि बच्चों में डायबिटीज जैसी बीमारियों को बढ़ा रहा है। बच्चों का शारीरिक श्रम इतना नहीं होता कि वे अधिक कैलोरी और ग्लूकोज को पचा पाएं।

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें रक्त शर्करा (ग्लूकोज़) की मात्रा अत्यधिक हो जाती है क्योंकि शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन तैयार नहीं कर पाता।

डायबिटीज की वजह सॉफ्ट ड्रिंक को अधिक माना गया है इसीलिए बच्चों को पेय पदार्थ में घर के बने पेय पदार्थ देना ज्यादा बेहतर रहता है।


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