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जानें क्या है पीलिया रोग, पहचानें लक्षण और कैसा हो खान-पान

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हमारे शरीर में यकृत (लिवर) पित का स्राव करता है जो वसा के पाचन में सहायता करता है। पित प्रणाली इस पित को आंतो तक पहुचाती है। अगर इस प्रणाली में कोई विकृति आ जाती है न तो वह पित आंतो तक नहीं पहुच पाता और खून में मिल जाता है और त्वचा और श्लेष्मिक कला में पीला रंग आ जाता है।


पीलिया (Jaundice) आमतौर हेपेटाइटिस ‘ए’ या हेपेटाइटिस ‘सी’ वायरस के कारण फैलता है जिसका मुख्य कारण दूषित या संक्रमित खानपान होता है। इस रोग में पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं करता है और शरीर का रंग पीला पड़ने लगता है।

पीलिया रोग के लक्षण-

_ त्वचा और आंखों का सफेद भाग का पीला होने लगता है।

_ मूत्र गहरे पीले रंग का होता है।

_ अचानक ही अत्यधिक थकान महसूस होना।

_ तेज खुजली होती है पैरों और हाथों से शुरू होकर यह पूरे शरीर में फैलने लगती है।

_ पेट दर्द रहता है। आमतौर पर यह पेट के दाहिने तरफ होता है।


पीलिया में नीचे दिए हुए नुस्खों का प्रयोग करें रोग में राहत मिलती है –

_ रोजाना आधा लीटर के करीब मूली की पत्तियों का रस पीएं।

_ रोजाना एक चम्मच पपीते के पिसे हुए पत्तों के पेस्ट में एक चम्मच शहद मिलाकर लें।

_ एक बड़े गिलास गन्ने के रस में थोड़ा सा नींबू रस मिलाकर रोजाना दिन में दो बार पीएं।


पीलिया में इन आहारों के सेवन से बचें-

_ वसा (fat)युक्त खाद्य पदार्थों से दूर रहें।

_ नमक का कम से कम सेवन करें।

_ कैफीन युक्त पदार्थ जैसे चाय और कॉफी से दूर रहें।

_ अंडे और मीट का सेवन कम से कम करें।

_ पीलिया के समय दालें और फलियां पाचन में समस्या पैदा करते हैं इसलिए इनके सेवन से बचना चाहिए।

_ ध्यान रहें मैदा, मिठाइयां, तले हुए पदार्थ और अधिक मिर्च मसाले का सेवन जितना कम हो सके उतना अच्छा होता है।


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