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त्रिफला के काढे में शहद मिलाकर पीने से कम होता है मोटापा

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शरीर में अनावश्यक चर्बी जमा हो जाने पर मोटापा बढता है। चर्बी भोजन से पौष्टिक तत्‍व लेने और श्रम एंव संचरण करने की शक्ति को कम कर देती है। ओबेसिटी से मधूमेह, हार्ट डिजीज, ब्‍लड प्रेशर, मिर्गी और चर्म रोग आदि हो जाते है। ओबेसिटी बढने के वैसे तो कई कारण हो सकते है लेकिन मुख्‍य तौर पर गलत रहन-सहन, आलस्‍यमय जीवन, एक्‍सरसाइज की कमी, शरीर में क्षार की कमी का होना, जरूरत से ज्‍यादा सोने और खाने से भी ओबेसिटी हो सकती है। ओबेसिटी को वजन कम करके घटाया जा सकता है लेकिन अगर कम समय में ज्‍यादा वजन कम किया तो कोई ना कोई बीमारी होने की आशंका बढ सकती है। मोटापा कम करने के लिए केले और मलाई रहित दूध का आहार सबसे बेहतरीन होता है। 10 से 15 दिनों तक प्रतिदिन केवल 6 केले और चार गिलास मलाई रहित दूध पिएं। उसके बाद 15 दिनों तक एक या दो केला घटाकर उसके बदले एक या दो रसदार फलों का सेवन करें। एक समय कच्‍ची हरी सब्जियां खाएं एक समय चोकर की चपाती और गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से भी वजन कम होता है। ऐसा करने से महीने में करीब 2 से 5 किलो वजन कम किया जा सकता है। इसके अलावा त्रिफला के काढे में शहद मिलाकर पीने से भी वजन कम होता है। ओबेसिटी के शिकार लोगों को गुदगुदे गद्दे पर नहीं सोना चाहिए बल्कि तख्‍ते पर सोने से आराम मिलेगा। ओबेसिटी बढने पर सबसे पहले नाश्‍ता करने की आदत छोड दें इससे भी फायदा होगा। पानी का इन टेक बढा दें, दिन में 8 से 10 गिलास पानी पिएं। 10 से 15 दिनों तक फलाहार करने पर वजन कम करने में सहायता मिलती है। नैचुरल ट्टरीटमेंट में सुबह शाम 10 से 15 मिनट तक कटि स्‍नान लेना चाहिए। हफ्ते में एक दिन स्‍टीम लेकर पसीने को बाहर आने दें। हफ्ते में एक दिन उपवास रखना चाहिए।

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