Lapet (Ayurveda)

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लपेट क्रिया के लिए 7-8 फुट लम्बा तथा 6-7 इंच चौड़ा सूती का कपड़ा लेकर पानी में भिगोकर निचोड़कर रोगी के शरीर के जिस अंग पर लपेटना होता है उस पर लपेट लेते हैं। फिर उस कपड़े के एक ओर सूखा कपड़ा लपेट दिया जाता है। फिर इस लपेट को कम से कम 1 घंटे तक रखा जाता है। आवश्यकतानुसार इस लपेट के समय को बढ़ाया भी जा सकता है। कपड़े के लपेट को हटाने के बाद उस भाग को गीले कपड़े से पोंछ लें। इस लपेट का प्रयोग विभिन्न रोगों के लिए विभिन्न अंगों पर किया जाता है। इस  लपेट का प्रयोग गले, छाती, पेट और जोड़ों पर किया जाता है। शरीर के विभिन्न अंगों के लपेट का नाम-
     गला लपेट,
     छाती लपेट,
     पेट लपेट,
     जोड़ लपेट
 
 इस क्रिया में साफ व स्वच्छ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर उसे कपड़े को शरीर के जिस अंग पर लपेटना होता है, उस पर लपेटा जाता है। ठंडी लपेट क्रिया के लिए एक मोटा सूती कपड़ा अथवा 2 बड़े तौलिए लें। लपेट के लिए पानी-का-तापमान 18 से 24 डिग्री रखें। ठंडे लपेट क्रिया को 20 मिनट तक करें। आवश्यकता पड़ने पर इसके समय को बढ़ाया भी जा सकता है। 

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