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पतली होगी कमर और रहेगी बॉडी फिट, सीखें पश्चिमोत्तासन 90 सेकेंड में

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क्या आप जानती हैं पश्चिमोत्तासन आप महत 90 सेकेंड में करना सीख सकती हैं और अन्य 90 सेकेंड में इसका अभ्यास भी कर सकती हैं? जी, हां पश्चिमोत्तासन करना न सिर्फ आसान है बल्कि इसे सीखने में भी ज्यादा समय नहीं लगता। लेकिन आपको यह बता दें कि कोई भी योगासन करने से पहले धैर्य रखें। उसे करने की विधि अच्छी तरह जान जाएं, इसके बाद ही किसी आसन को करें। बहरहाल पश्चिमोत्तासन को योग जगत में खास स्थान मिला है। इसके कई फायदे हैं जैसे कमर पतली होना, हड्डियां मजबूत होना, गठिया, जांघ और पिंडलियों का दर्द कम होना आदि। इस विषय में आगे चर्चा करेंगे। फिलहाल जानते हैं कि कैसे सीखें 90 सेकेंड में पश्चिमोत्तासन-

पश्चिमोत्तासन की विधि

इस आसन के तहत सबसे पहले पैरों के अंगूठों को पकड़कर नाक को घुटनों से लगाना होता है। शुरुआती दिनों आप पहले इतना ही करने की कोशिश करें। इसके बाद इस आसन में कई अलग-अलग परतें हैं। मसलन अंगूठे को पकड़कर इतना झुकना कि कोहनियां जमीन को छूने लगें। इस अवस्था में आपकी नाक घुटने से जरा सी और नीचे जानी चाहिए। कुछ लोग दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा कर पंजों को पकड़ लेते हैं। कुछ लोग अपने हाथों को पंजों से भी आगे ले जाते हुए पैरों और ऊपरी शरीर को लगभग समानांतर कर लेते हैं।


कुछ लोग इसे विधि अनुसार नहीं कर पाते यानी अपनी नाक को घुटने में सहजता से नहीं लगा पाते इसलि इसे आसानी नहीं कर पाते। लेकिन अगर आप ऐसा न कर पा रही हों, तो परेशान न हों। आपके इसके बजाय जितना झुक सकती हैं, उतना झुकें। अपने शरीर को सहज रखें। इस अवस्था में आप जितनी देर रह सकती हैं, उतनी ही देर रहें। अभ्यास करते-करते आप इस आसन में भी एक्सपर्ट हो जाएंगी। लेकिन हां, अगर लंबे समय तक आप इसे न कर पा रही हों तो किसी योगाचार्य की मदद ले सकती हैं।


सावधानी

इस आसन को हमेशा खाली पेट करें। आप चाहें तो चाय पी सकती हैं। लेकिन अगर आपने भरपेट खाना खा लिया हो तो इस आसन को करने से बचें। योगा की एक खासियत यह होती है कि इसे हमेशा धैर्य के साथ करना चाहिए। ठीक इसी तरह पश्चिमोत्तासन को करते हुए भी ध्यान रखें कि इस आसन को कभी झटके से न करें। बहुत सहजता से मुद्रा बनाएं। आहिस्ता-आहिस्ता झुकें। पहले 60 फीसदी तक झुक जाएं और उसके बाद 20 फीसदी झुकें। अगर आप एक बार में ही पूरा झुक सकती हैं तो इसमें भी बुराई नहीं हैं, लेकिन गति हमेशा धीमी रखें। इसे आसन को 30 सेकेंड के लिए करें। इस आसन को करते हुए अगर आप सहज महसूस कर रही हैं तो कुछ देर और रुक सकती हैं। इस आसन के बाद सामान्यतः भुजंगासन या शलभासन किया जाता है।


लाभ

जैसा कि पहले ही जिक्र किया गया है कि पश्चिमोत्तासन करने से कमर पतली होती है और मजबूत बनती है। इसके इस आसन को करने से मन खुश रहता है और चेहरे की आभा बढ़ती है। शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है। गले, पेट और पैर के मसल्स में भी रक्त संचार बेहतर होता है। इसके अलावा इस आसन को नियमित करने से पेट के कीड़े मरते हैं और भूख लगती है जो कि अच्छे स्वास्थ्य के लक्षण हैं। इस आसन करने से सांस बहुत छोटी हो जाती है, जिससे आपको दीर्घायु मिलती है।

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